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मन, समय और स्थान एक हैं || आचार्य प्रशांत (2016)

2019-11-27 1 Dailymotion

वीडियो जानकारी:

शब्दयोग सत्संग
3 जनवरी 2016
महर्षि रमणकेंद्र, नई दिल्ली

प्रसंग:
हम हर चीज़ को आकार क्यों देने लग जाते हैं?
क्या संसार में कुछ भी समय और स्थान से परे नहीं है?
जो संसार से परे है उसके बारे में क्यों कुछ नहीं कहा जा सकता?

संगीत: मिलिंद दाते